Saturday, April 25, 2015

जो लोग गजेन्द्र की मौत के बाद भी सभा समाप्त न कर पाये, भाषण बंद नहीं कर पाये, हॉस्पिटल जाकर उसका हाल-चाल न ले पाये अब वो खुद को घिरता देख मौत के 2 दिन बाद माफ़ी मांगते घूम रहे हैं। नौटंकी दुबारा शुरू हो गयी है और भक्त खुश।